बिहार सरकार की योजना (DBT कृषि)।
अगर भारी बारिश, बाढ़ या प्राकृतिक आपदा से आपकी फसल को 33% या उससे ज़्यादा नुकसान हो, तो सरकार बीज-खाद जैसी इनपुट लागत के लिए मदद देती है।
यह योजना किसके लिए है
- बिहार के किसान — रैयत और ग़ैर-रैयत दोनों।
- फसल का नुकसान 33% या उससे ज़्यादा हो।
- DBT पोर्टल पर रजिस्टर्ड हों और बैंक खाता आधार से जुड़ा हो।
आपको क्या मिलेगा
- असिंचित (बिना सिंचाई) ज़मीन: ₹8,500 प्रति हेक्टेयर।
- सिंचित ज़मीन: ₹17,000 प्रति हेक्टेयर।
- बहुवर्षीय फसल (जैसे गन्ना): ₹22,500 प्रति हेक्टेयर।
- कम से कम क्रमशः ₹1,000 / ₹2,000 / ₹2,500।
- ज़्यादा से ज़्यादा 2 हेक्टेयर तक।
आवेदन कैसे और कहाँ करें
- ऑनलाइन: dbtagriculture.bihar.gov.in।
- सरकार हर महीने पिछले महीने के फसल नुकसान के लिए आवेदन माँगती है।
ज़रूरी कागज़ात
(यह सूची जाँच के लिए है — आवेदन से पहले सरकारी पोर्टल पर मिला लें।)
- 13 अंकों का किसान रजिस्ट्रेशन नंबर
- आधार कार्ड
- आधार से जुड़ी बैंक पासबुक
- ज़मीन और फसल का ब्योरा
- चालू मोबाइल नंबर
ध्यान देने वाली बातें
- नुकसान कम से कम 33% होना ज़रूरी।
- हर महीने की तय खिड़की में आवेदन करें।
- पहले DBT पोर्टल पर किसान रजिस्ट्रेशन ज़रूरी।
सरकारी लिंक
आधिकारिक पोर्टल: dbtagriculture.bihar.gov.in
अंतिम अपडेट
जून 2026
English
Krishi Input Anudan Yojana (Bihar, via DBT Agriculture). Input-cost assistance for farmers whose crops suffered 33%+ loss from heavy rain/flood/calamity (raiyat and non-raiyat), registered on the DBT portal with an Aadhaar-linked account. Benefit per hectare: ₹8,500 (non-irrigated), ₹17,000 (irrigated), ₹22,500 (perennial e.g. sugarcane); minimums ₹1,000/₹2,000/₹2,500; up to 2 hectares. Apply at dbtagriculture.bihar.gov.in within the monthly window. Watch: 33%+ loss required; register first. Official: dbtagriculture.bihar.gov.in. Last updated: June 2026.
