बिहार में 2026 से किसानों के लिए एक डिजिटल पहचान — फ़ार्मर रजिस्ट्री / किसान कार्ड (13 अंकों का किसान ID) — बनवाना ज़रूरी हो गया है।
यह कई सरकारी खेती-योजनाओं का पैसा (DBT) सीधे खाते में पाने के लिए चाहिए।
यह क्यों ज़रूरी है
- PM-KISAN, डीज़ल अनुदान, कृषि इनपुट अनुदान जैसी योजनाओं का लाभ अब किसान ID से जुड़ा है।
- एक बार बन जाने पर बार-बार वही कागज़ देने की ज़रूरत कम हो जाती है।
- यह आपकी ज़मीन और पहचान को एक डिजिटल रिकॉर्ड में जोड़ देता है।
कैसे बनवाएँ
- ऑनलाइन: फ़ार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर “Farmer” चुनें → आधार नंबर डालें → आधार से जुड़े मोबाइल पर आए OTP से पुष्टि करें → नाम-पता, ज़मीन का ब्योरा (खेसरा/सर्वे नंबर) और बैंक जानकारी भरें → कागज़ अपलोड करें।
- ऑफ़लाइन: नज़दीकी CSC / वसुधा केंद्र पर जाकर, आधार बायोमेट्रिक से।
- बनने पर 13 अंकों का किसान ID आपके मोबाइल पर मिल जाता है।
ज़रूरी कागज़ात
(यह सूची जाँच के लिए है — रजिस्ट्रेशन से पहले सरकारी पोर्टल/CSC पर मिला लें।)
- आधार कार्ड
- बैंक खाता पासबुक
- ज़मीन के कागज़ (खेसरा / सर्वे नंबर सहित)
- चालू मोबाइल नंबर (आधार से जुड़ा)
सरकारी लिंक
आधिकारिक पोर्टल: dbtagriculture.bihar.gov.in (या नज़दीकी CSC / वसुधा केंद्र पर जाएँ)।
अंतिम अपडेट
जून 2026
English
Bihar Farmer Registry / Farmer Card. From 2026 Bihar farmers need a digital identity — a 13-digit Farmer ID — to receive DBT money from farm schemes like PM-KISAN, Diesel Anudan, and Krishi Input Anudan. Register online on the Farmer Registry portal (select Farmer → Aadhaar → OTP → fill name, land details with Khesra/survey number, bank details → upload documents), or offline at a CSC/Vasudha Kendra with Aadhaar biometric. Documents (verify): Aadhaar, bank passbook, land documents (Khesra/survey no.), Aadhaar-linked mobile. Official: dbtagriculture.bihar.gov.in. Last updated: June 2026.
